सतना और मैहर में होने वाली गिद्ध गणना में इस बार हिमालयी, यूरेशियन और काला गिद्ध नजर नहीं आएंगे। गर्मी बढ़ने के साथ प्रवासी प्रजातियां लौट चुकी हैं, जबकि स्थानीय गिद्धों की आबादी और प्रजनन पर विशेष फोकस रहेगा।
रीवा वनमंडल में 20 फरवरी से गिद्धों की गणना शुरू, छह रेंज चिन्हित, वनकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।














